उत्तर प्रदेश का भूगोल UPSSSC परीक्षा के लिए सम्पूर्ण नोट्स
उत्तर प्रदेश भारत का एक अत्यंत महत्वपूर्ण राज्य है, जो न केवल जनसंख्या की दृष्टि से सबसे बड़ा राज्य है, बल्कि भौगोलिक, आर्थिक और सांस्कृतिक दृष्टि से भी विशेष महत्व रखता है। UPPCS (उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग) जैसी परीक्षाओं में “उत्तर प्रदेश का भूगोल” एक अत्यंत महत्वपूर्ण विषय है, जिससे प्रतिवर्ष कई प्रश्न पूछे जाते हैं।
उत्तर प्रदेश लेखपाल और लोअर PCS जैसी परीक्षाओं के लिए उत्तर प्रदेश सामान्य ज्ञान (UP GK) का यह आधारभूत खंड अत्यंत महत्वपूर्ण है। नीचे दिए गए बिंदुओं में इस विषय का विस्तृत विवरण है:
उत्तर प्रदेश का परिचय (Introduction of Uttar Pradesh)
उत्तर प्रदेश भारत के उत्तर-मध्य भाग में स्थित एक सीमावर्ती राज्य है। जनसंख्या की दृष्टि से यह भारत का प्रथम और क्षेत्रफल की दृष्टि से चौथा सबसे बड़ा राज्य है (राजस्थान, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बाद)।
भौगोलिक स्थान, क्षेत्रफल और सीमा (Geography and Area)
लंबाई और चौड़ाई: पूर्व से पश्चिम की लंबाई 650 किमी और उत्तर से दक्षिण की चौड़ाई 240 किमी है।
क्षेत्रफल: 2,40,928 वर्ग किमी (भारत के कुल क्षेत्रफल का 7.33%)।
Click On this ad
अक्षांशीय विस्तार (Latitude): 23° 52′ उत्तरी अक्षांश से 30° 24′ उत्तरी अक्षांश तक।
देशान्तरीय विस्तार (Longitude): 77° 05′ पूर्वी देशान्तर से 84° 38′ पूर्वी देशान्तर तक।
पड़ोसी राज्य और सीमाएं (Neighboring States)
उत्तर प्रदेश की सीमा कुल 9 इकाइयों (8 राज्य + 1 केंद्र शासित प्रदेश) और 1 अंतर्राष्ट्रीय देश से लगती है:
- उत्तर: उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश。
- पश्चिम: हरियाणा, दिल्ली (UT) और राजस्थान。
- दक्षिण: मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़。
- पूर्व: बिहार और झारखंड。
- अंतर्राष्ट्रीय सीमा: उत्तर-पूर्व में नेपाल के साथ (नेपाल से सटे 7 जिले: पीलीभीत, खीरी, बहराइच, श्रावस्ती, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, महाराजगंज)。
- विशेष तथ्य: सबसे लंबी सीमा मध्य प्रदेश के साथ और सबसे छोटी सीमा हिमाचल प्रदेश (सहारनपुर) के साथ लगती है
नक्शे पर आधारित महत्वपूर्ण तथ्य (Map-based Points)
- सोनभद्र: भारत का एकमात्र जिला जो 4 राज्यों (बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश) की सीमा को छूता है।
- सहारनपुर: 3 राज्यों (हरियाणा, हिमाचल, उत्तराखंड) को छूता है।
- ललितपुर: तीन ओर से मध्य प्रदेश से घिरा जिला है।
- क्षेत्रफल में सबसे बड़ा जिला: लखीमपुर खीरी。
- क्षेत्रफल में सबसे छोटा जिला: हापुड़।
उत्तर प्रदेश का भौतिक विभाजन
भौतिक रूप से उत्तर प्रदेश को 3 मुख्य क्षेत्रों में बांटा गया है:
Click On this ad
1. भाभर और तराई क्षेत्र (Bhabar and Terai Region)
यह राज्य का सबसे उत्तरी भाग है, जो उत्तराखंड और नेपाल की सीमा के साथ एक पतली पट्टी के रूप में फैला है।
- भाभर क्षेत्र:
- यह हिमालय के शिवालिक पर्वत पाद (Foot-hills) से सटा हुआ क्षेत्र है।
- यहाँ की मिट्टी कंकड़-पत्थरों और मोटी बालू से बनी है।
- यहाँ नदियाँ भूमिगत (लुप्त) हो जाती हैं। यह कृषि के लिए अनुपयुक्त है।
- तराई क्षेत्र:
- भाभर के ठीक दक्षिण में स्थित दलदली और नम क्षेत्र।
- यहाँ नदियाँ फिर से सतह पर दिखाई देती हैं।
- यहाँ धान और गन्ना की खेती बहुत अच्छी होती है।
- यह क्षेत्र जैव विविधता (Biodiversity) और लंबी घास (जैसे- हाथी घास) के लिए प्रसिद्ध है।
2. गंगा-यमुना का विशाल मैदानी भाग (Gangetic Plain)
यह भाभर-तराई के दक्षिण और दक्षिण के पठारी भाग के उत्तर में स्थित है। यह यूपी का सबसे बड़ा हिस्सा है।
Click On this ad
- निर्माण: गंगा, यमुना और उनकी सहायक नदियों (घाघरा, गंडक, गोमती, शारदा) द्वारा लाई गई कछारी (जलोढ़) मिट्टी से हुआ है।
- उप-विभाजन:
- खादर (Khadar): वह क्षेत्र जहाँ हर साल बाढ़ का पानी आता है और नई मिट्टी जमा होती है। यह बहुत उपजाऊ होती है।
- बांगर (Bangar): वह क्षेत्र जहाँ बाढ़ का पानी नहीं पहुँचता। यहाँ पुरानी जलोढ़ मिट्टी होती है।
- विशेषता: यह क्षेत्र कृषि की दृष्टि से भारत का सबसे समृद्ध हिस्सा है।
3. दक्षिण का पहाड़ी और पठारी क्षेत्र (Southern Plateau & Hill Region)
इसे ‘बुंदेलखंड का पठार’ भी कहा जाता है।
- विस्तार: यह विंध्य पर्वतमाला का हिस्सा है। इसमें झांसी, जालौन, हमीरपुर, महोबा, चित्रकूट, ललितपुर और बांदा जैसे जिले आते हैं।
- मिट्टी: यहाँ मुख्य रूप से लाल मिट्टी पाई जाती है।
- जलवायु: यहाँ वर्षा कम होती है और गर्मी अधिक पड़ती है।
- प्रमुख फसलें: दलहन (चना, अरहर, मसूर) और तिलहन।
- नदियाँ: केन, बेतवा, चंबल और सोन।
कुछ महत्वपूर्ण भौगोलिक तथ्य (Exam Points):
- मिट्टी के प्रकार: यूपी में मुख्य रूप से जलोढ़ (Alluvial) मिट्टी पाई जाती है। बुंदेलखंड में ‘मार’ और ‘काबर’ (काली मिट्टी के प्रकार) भी मिलती है।
- सर्वाधिक वर्षा वाला क्षेत्र: तराई क्षेत्र (विशेषकर गोरखपुर)।
- सबसे कम वर्षा वाला क्षेत्र: पश्चिमी गंगा मैदान (विशेषकर मथुरा)।
- नदियों का प्रवाह: उत्तर प्रदेश की अधिकांश नदियों का प्रवाह उत्तर-पश्चिम से दक्षिण-पूर्व की ओर है (क्योंकि ढलान इसी तरफ है)।
Related Links
Click On this ad
उत्तर प्रदेश का संपूर्ण इतिहास (प्राचीन से आधुनिक) | UP GK History Notes for UPPCS, RO/ARO
